हैलो दोस्तों मैं आपके लिए लाया हूँ बेहतरीन Rajasthani Shayari का संग्रह। इस साइड पर सभी प्रकार की राजस्थानी शायरी मिल जाएगी जो आपको बहुत ही पसंद आएगी और पढ़ने में भी बहुत ही अच्छी लगेगी। Rajasthani Shayari 2026 इस पोस्ट में आपको पूरी तरह से राजस्थानी भाषा मे शायरी मिलेगी जो आपको बहुत ही पसंद आने वाली है। मैं यही आशा करता हूँ Rajasthani Shayari में आपको एक से बढ़कर एक राजस्थानी शायरी मिलेगी |
आप सब जानते ही हो राजस्थान कि शौर्य, वीर इस का इतिहास कितना बड़ा और कितना मन मोहक है। राजस्थान भारत देश का एक बड़ा राज्य है राजस्थानी बोली बहुत ज्यादा प्यारी लगती है। इस बोली मे अलग सा ही जादू है और यह Rajasthani Shayari संग्रह भी उसी बोली में लिखा गया है।
Rajasthani Shayari 2026

अरे सुन लो प्यारी
मानो बात म्हारी,
थोड़ा तन खिलखिला लो
आ मिलन गी रुत है प्यारी।
लोग अपन राजस्थान के जीते है दारू के ठेको पर,
सुंदर घणो राजस्थान मिनख घूमे उदयपुर लेको पर
म्हारे सांगे-सांगे
कद समझीया सगळा रिवाज,
जब देखोला म्हारो प्रदेश
आप करोला मरुभूमि माथे नाज।।
सुलग रही है रेत
लगी है प्यास,
कहीं मिल जाये ठंडी छाया
बस यही है म्हारी आस।
दिल छूं आछो हूं
ठिकानो मारो राजस्थान,
धोरा धरती रा गीत गाऊं
मातृभाषा म्हारी शान
अंग्रेजी म्हाने आवे कोनी
ना हिंदी रो ज्ञान,
राजस्थान रा बांशिदा हो
राजस्थानी म्हारी पहचान

करते हैं हम हमेशा मस्ती
क्योंकि जिंदादिल है राजस्थानी हस्ती।
जियो जिंदगी खुशियों में
मत पालो कोई भ्रम,
करने है मजे तो
दिल रखो थोड़ा नरम।
तपती धरती ढ़ळतो सूरज
हिवडे में है मरूगीत,
बाटां जोवे गोरी री नजरा
कद आवे म्हारे परदेसी प्रीत।
मरुस्थल मन में उठे
शीतल जल की धार,
जिंदगी ऐसे जियो कि
जीवन में रहे प्रेम का विस्तार
आवे है मने हिंदी अंग्रेजी
पण सबसूं प्यारी है मातृभाषा म्हारी,
मीठी सुहाणी घणी लागे मने
बोले अठ रो हर नर नारी।
म्हारी भाषा राजस्थानी है बड़ी दुलारी।
आन, बान और शान रे साथ
जिम्मेदारी रो भार है पगड़ी,
सर पर सजे जिसके
लागे बड़ी तगड़ी।
सर में पहरियो साफो
मूंछ रो दियो वठ,
बल रो भंडार हूँ मैं
म्हारा हाथ ही म्हारा लठ
भगवान करे इण
पूरे जग में नाम हो थारो,
तिलक काडू थारे चंदन रो
लागे घणो है प्यारो।
धोरे माथे गुड़को म्हे
धूड़ सूं भर जिया पूरा,
पण जीवन गा मजा कोणी रे अधूरा,
म्हे हों राजस्थान रा शूरा।
न्यू राजस्थानी शायरी 2026 हिन्दी

अमृत है अठे रो तेल
घूमे राजस्थान में रेल,
लोगों में खूब है मेल,
मिनख अठे रा फुटरा
काम करे सगळा,
नाम करे ऊंचो
सब है सब रा भला।
जयपुर म्हारी राजधानी है,
जीते है मजे से
भले ही कम है थोड़ा पानी,
पुरुष यहाँ के दिल के राजा
महिलाएं है उनकी रानी।
कोई बणी कर्मवती तो
इतिहास में प्रसिद्ध है पद्मावती,
हरा दिया दुश्मनों को
भर न पाए वो एक रती।
रेत रा टीबा बोले कहानी,
किला-किला में मान,
रक्त रा कतरा-कतरा में
बस्से राजस्थानी शान।

घूंघट में झांके नैणा
जैसे सावण री रात,
म्हारे दिल में बस गयो
थारो प्यारो साथ।
थारी हँसी म्हाने लागे
चांदनी री छांव,
थारे बिना सूना लागे
म्हारो रेतलो गाँव।
म्हारो दिल थारे नाम रो,
थारी याद रो राज,
मरुधर री हवामां भी
बस्से थारो ही साज
राजस्थानी म्हारो नाम
और शान रो मान,
झुकणो म्हाने आवे ना
चाहे बदल जावै जहान।
राजपूताना रो लहू
धड़के म्हारी रग-रग में,
म्हारो सिर झुके बस
म्हारी धरती माँ रा चरण में।
थार री रेत ज्यूं गरम
म्हारो स्वाभिमान,
म्हाने पहचानै दुनिया
म्हारो राजस्थानी मान।
राजपूताना री धरती
वीरां री पहचान,
म्हारो सिर कट जावै
पर ना झुके स्वाभिमान।
म्हारो यार मिले
तो किस्मत खुल जावै,
राजस्थानी दोस्ती
दिल सूं निभ जावै।
दोस्ती हो राजस्थानी
तो डर कद आवे,
मुश्किल भी हँसता-हँसता
रास्तो बदल जावे।
Rajasthani Desh Bhakti Shayari

“थारी मुस्कान तो माजण सूं भी मीठी लागे,
देखूं तो दिल रो दिन ही खुश हो जावै।”
“थारो नाम बोलूं तो दिल में केसर रो रंग छा जावै।”
“थारी आंखां में देखूं तो जन्नत रो दरवाजो खुल जावै।”
“थारी चाल पायल री धुन झैं,
मन में घणो मिठास भरो देवे।”
“थारा बिना हर सवेरे में उजास ना,
मन रो सूरज तो थारा संग ही उगै।”
थारी हंसी रा बिना,
दिवसो भी आधरो लागे।”
“थारी महक आज भी मेरे गळै रूमाल में बसैलो।”
“थारा संग रो हर पल,
थारो हर शब्द—दिल में झूमर झैं नाचै।”
“थारी नजरों में जादू सै,
देखूं तो हृदय रैगो रेगिस्तान मे भी हरियाली छा जावै।”

“थारा बिना जीवं तो सही,
पर जींदगी नी जीऊं।”
“थारो प्यार मोतियों री थैली झैं—कीमती अर् चमकीलो।
जलने वालों को हम
यूं ही जलाते रहेंगे,
जाट अपनी चौधराई
यूं ही चलाते रहेंगे
आयो दिन खुशियों गो
छोड़ो भेदभाव और अभिमान,
सगला कूदो, नाचो गाओ
चाहे हो बच्चा, बूढा या जवान।
मन मेरा हिंदुस्तानी है
बोली मेरी राजस्थानी है,
जो करी किसी ने गड़बड़
याद उसको दिलानी नानी है
रेगिस्तान में भी सुखी झाड़ियाँ भी हरी हो जाती है
जब राजस्थान वाले किसी के साथ खड़े हो जाते है
अंगरेजी म्हानै आवै कोनी,
न हिंदी रौ घणौ ज्ञान,
राजस्थान रा बाशिन्दा हां,
राजस्थानी म्हारी पिछाण
राजस्थानी शायरी 2026

मेहनत करके एक दिने इतो ऊंचो पहुचणो है
कि नीचू देखू तो धूझणी छूटने लागजे
बातां प्यार सूं करां म्हे
जरूरत पड़े तो लट्ठ गाड़ दा,
शांति गा प्रतीक हों पण
दुश्मनों के सिर फाड़ दा।
चेतक पर चढ़ जिसने
भाला से दुश्मन संघारे थे…
मातृ भूमि के खातिर
जंगल में कई साल गुजारे थे…
म्हारे राजस्थान आळा भी दिल का बादशाह हो या करे
सुणा भी मन की और करा भी अपने मन की
अरे सुन लो प्यारी
मानो बात म्हारी,
थोड़ा तन खिलखिला लो
आ मिलन गी रुत है प्यारी।

मन तो पेली ही ध्यान छो, थाराम
सारी आदत ही गंडकड़ी आळी है
लोग अपन राजस्थान के
जीते है दारू के ठेको पर,
सुंदर घणो राजस्थान
मिनख घूमे उदयपुर लेको पर
हिवड़ो रंगियो प्रीत सूं
सज सौले सिणगार,
पधारो म्हारे देश
करो खुशियां रो इजहार।
चलो आपको एक झलक
म्हारे प्यारे राजस्थान की दिखाता हूँ,
मिट्टी मेरे प्रदेश की बलिदानी है
उसकी महत्ता आपको बताता हूँ।
Rajasthani Shayari Hindi

जीमो बाजरे री रोटी
और सांगरी रो साग,
रंगीलो म्हारो राजस्थान
बरसों सूं है हिवड़े हुं लाग
हँसी थारे चेहरे पे
सदा ही चमके आज,
म्हारो आशीर्वाद रहै
थारे हर अंदाज।
म्हारी धरती राजस्थान
वीरां री खान,
देश खातिर जान दे
ऐसो हर जवान।
ढोल बजे और पग थिरक जाए,
गीतां में राजस्थान समाए,
मरुधर री धुन जद गूंजे,
दिल भी साथ में झूम जाए।
माटी री खुशबू में बस्से प्यार,
राजस्थान रो निरालो संसार,
रेत रा टीबा बोले इतिहास,
घणी प्यारी लागे म्हारो मरुधर खास।

अगर थे सभी काम खुशी सु करो तो
किश्यो भी कार्य मुश्किल कोणी लागसी..
थार री रेत में सोने री खुशबू,
पग-पग वीरां री शान,
घणी प्यारी लागे म्हाने
म्हारो मारवाड़ो राजस्थान