हैलो दोस्तों जब हमारी जिंदगी में परेशानी आती है तो हम अपने सोशल मीडिया पर स्टोरी लगाने के लिए शायरी खोजते है तो इस चीज को देखते हुए हम आपके लिए लाए है Pareshan zindagi Shayari संग्रह। इस साइड पर सभी प्रकार की जिंदगी की परेशानी शायरी मिल जाएगी जो आपको बहुत ही पसंद आने वाली है। Pareshan zindagi shayari in hindi लेख लिखने का यही उदेश्य है की आसान भाषा में आप तक Pareshan zindagi shayari पहुचा सके।
जिंदगी में कभी ना कभी परेशानी सबको आती है इस लिए हम उस परेशानी को कम करने के आपके लिए लाए है परेशान जिंदगी शायरी। जिंदगी में सुख दुख सभी के आते है कई लोग होते है जिनको ऐसी परेशान जिंदगी शायरी पढ़ने में मजा आता है तो यह शायरीया उनके लिए ही है।
Pareshan zindagi shayari

सरे-आम मुझे ये शिकायत है ज़िन्दगी से,
क्यूँ मिलता नहीं मिजाज़ मेरा किसी से।
आराम से एकेली बीत रही थी तो अच्छी थी,
ज़िन्दगी तू कहाँ इस मन की बातों में आ गयी।
कर्ज़, खर्चे और फिक्र की दुनिया,
यही तो है हमारी ज़िंदगी की कहानी।
हम टूटते रहे अंदर ही अंदर,
लोग समझते रहे “सब ठीक है।”
ज़िंदगी आसान नहीं होती,
बस आदत हो जाती है सहने की।
दिल भारी है, आँखें भीगी हैं,
और वजह—बस ज़िंदगी की फिक्र है।

पैसे की तंगी में समझ आया,
रिश्ते भी कभी-कभी बदल जाते हैं।
आजकल हँसते हैं बस दिखाने को,
वरना अंदर से बिखरे हुए हैं।
परेशानियों ने इतना घेरा है,
कि रास्ता भी धुंधला लगता है।
रास्ते ज़िन्दगी के बहुत ही हसीन हैं,
सभी को किसी न किसी की तालाश है,
किसी के पास मंज़िल है तो राह नहीं,
और किसी के पास जिंदगी है तो जीने कि वजह नहीं ।
जब दिल किसी बोझ से थक जाता है,
उमीद की लौ और भी तीव्र हो जाती है,
मैं बढ़ता हूँ ज़िन्दगी की तरफ लेकिन,
ज़ंजीर सी पाँव में खनक जाती है।
परेशान जिंदगी शायरी दो लाइन

ज़िंदगी की दौड़ मे कच्चा रह गया,
नही सीखा फ़रेब बच्चा रह गया।
,
ज़िन्दगी भी कुछ ज़ख्म बेमिसाल दिया करती है।
जिन्दगी तेरी भी, अजब परिभाषा है,
सँवर गई तो जन्नत, नहीं तो सिर्फ तमाशा है।
ज़िन्दगी आज फिर खफा है हमसे,
जाने दो न दोस्तो, कहाँ पहेली दफा है।
इंसान को बोलना सिखने में २ साल लग जाते है लेकिन कौन
सा शब्द कहाँ बोलना है ये सिखने में पूरी उम्र निकल जाती है

वक़्त के एक टोकर की देर है साहेब
मेरी गरीबी भी किया तेरी हेशयत भी किया
कही न कही हर इंसान अपनी ज़िन्दगी के लिए लड़
रहा है और ये ज़िन्दगी तुम्हारे पास मौजोद है तो इस
ज़िन्दगी को किसी अच्छे और किसी के काम आने में ल गा दो
समझ मे नहीं आया ज़िन्दगी ये तेरा नियम एक
तरफ टगो कहती है सब्र का फल मिठाई होता है
और दूसरी तरफ तो कहती है वक़्त किसी का इंतज़ार न हीं करता
ज़िन्दगी का अपना रंग है दुःख वाली रात सोया
नही जाता और ख़ुशी वाली रात सुने नहीं देती
मैंने जीवन में एक ही बात सीखी है कि मानव
को कोई चीज़ हरा नहीं सकती जब तक वो खुद हार ना मान ले
ज़िन्दगी में जो चाहे हासिल करलो बस इतना
ख्याल रखना के आपकी मंजिल का रास्ता कभी
इंसानों के दिलों को चूर चूर करता हुवा न गुज़रे

सब को प्यारी है ज़िन्दगी लेकिन तुम
मुझे सारे जीवन से भी प्रिय लगते हो
कुछ समस्या का जवाब सिर्फ शांति होती है और
यकीन मनो ये समय का सही जवाब होता है
कभी किसी के सामने इतना मत झुको के
वो आप को तोड़ दे और कभी किसी के
सामने इतना भी मत इतराओ कि खुद टूट जाओ
Pareshan zindagi shayari in hindi

बदल जाती है जीवन की सभी सच्चाई उस समय
जब कोई तुम्हारा तुम्हारे सामने तू होता
उन चरणों को पहले से जान लें ऐ
दुनिया हम आपको दूर से ही जानते हैं।
कुछ ऐसा सिलसिला भी चला जीवन के
साथ मन मिले जो उनकी जान बन गए!
वो जिसे मैंने खुदा समझा,
उसी ने ही मेरे जीवन को परेशानीयो में डाल दिया।
आईना भी अब देख कर मुझे, सवाल करने लगा है,
तेरे जीवन में इतनी समस्या है तेरे पास खुशियों के लिए भी कोई स्थान नहीं है।
साँसे तो चल रही थीं,
पर हर धड़कन मजबूरी हो गई।
बुरे समय मे जीवन काटो से भी बुरा हो गया।
वो मुस्कान, वो बातें, सब यादों का हिस्सा बन गए,
दुःख, दर्द अब जीवन का किस्सा बन गए।
तुझमे छिपे हैं मेरी ज़िन्दगी के हजारों राज तुझ े
वास्ता तेरे जीवन का ज़रा स्वयं का ख्याल रख!
परेशान जिंदगी शायरी इन हिन्दी

जीवन का कोई और पैमाना
तय करें जीवन सिर्फ जीना नहीं है!
मैं ने थोड़ी मस्ती और थोड़े से विश्वास को बचा ल िया है क्या कम है
मैं अपनी पहचान बचा पाया कुछ उम्मीदे,
कू लिए बचा सका हूं।
एक और ईंट दीवार से गिरी, जीवनदानी
नादान कह रहा है नया साल मुबारक!
ज़िंदगी की सबसे बड़ी हार
मैंने देखी है अपनी जिंदगी में।
महोबत और नशा एक जैसे ही हैं जनाब,
लत अगर लग जाए तो जिंदगी बर्बाद कर देती है।
ज़िंदगी की किताब में,
हर सुबह एक नया पन्ना खुलता है।
हर पत्ते पर हमें तो सिर्फ दुख ही लिखा मिलता है।

कदम-कदम पे नया इम्तिहान रखती है,
किस्मत तू भी मेरा कितना ख्याल रखती है।
समझ जाता हूँ सुंदर नकाबों में छुपे धोखे को,
ज़िन्दगी तुझे समझने लगा हूँ आहिस्ता आहिस्ता।
शायद यही ज़िंदगी का इम्तिहान होता है,
हर एक शख्स किसी का गुलाम होता है,
धूप में निकलो, घटाओं में नहाकर देखो,
ज़िन्दगी क्या है किताबों को हटाकर देखो।
क्या बेचकर हम खरीदें फुर्सत… ऐ जिंदगी,
सब कुछ तो बिगड़ा पड़ा है जिम्मेदारी के शहर में ।
कभी लगता है ज़िंदगी एक सवाल है,
जो बहुत उलझा हुआ है।
Pareshan Zindagi Shayari 2 Line

बहुत मुस्कुराहटें जाया होती हैं…
महज़ कुछ उदासियाँ छुपाने में…..🙃
इंसान बीकर जाते हैं एक माखन बनाने में,
तुम रहम तक नहीं खाते दुनिया को जलाने में…!🥀🫰
मसरूफ़ हूँ,परेशान हूँ,तू ही बता ए जिंदगी।
कैसे निकालूं फुर्सत, तुझसे बात करने की।।

हालात रोज़ इम्तिहान लेते हैं,
और हम रोज़ स्वयं को सवार लेते हैं।

पैसों की कमी ने ये सिखा दिया,
ज़रूरतें कम और सपने ज़्यादा हैं।
चेहरे पर हँसी रख लेते हैं,
दिल में परेशानी छुपा लेते हैं।
जिम्मेदारियों का बोझ इतना बढ़ गया,
खुद के लिए वक्त ही नहीं बचा।
कुछ नहीं चाहिए अब ज़िंदगी से,
बस थोड़ा सुकून दे दे।
परेशानी इतनी बढ़ गई है,
नींद भी अब दूर रहती है।
वक़्त ने बदल दिया सब कुछ,
बस दर्द वही का वही है।